बिरही–निजमुला मोटर मार्ग पर ‘काली चट्टान’ बनी बड़ी समस्या, बरसात में बार-बार बाधित होती है आवाजाही

गोपेश्वर (चमोली)।  दशोली ब्लाॅक में बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर काली चट्टान आवाजाही के लिए नासूर बन गया है। दरअसल निजमूला मार्ग पर काली चट्टान बरसात के दिनों भू-स्खलन के कारण आवाजाही के लिए अवरूद्ध होना आम बात हो गई है। निजमुला घाटी की लाइफ लाइन के बरसात के दौरान बार-बार बंद हो जाने के कारण क्षेत्र के लोगों की आवाजाही सिमट कर रह जाती है। पिछले साल काली चट्टान में आए भू-स्खलन के कारण 10 दिनों तक वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी रही। इससे निजमुला घाटी के ग्रामीण को जरूरतमंद सामानों के लिए तरसना पड़ा। लोगों को पैदल ही आवाजाही करने से मुश्किलें भी झेलनी पड़ी। गर्भवती महिलाओं समेत बीमार लोगों को अस्पताल आने में तो दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अभी तक काली चट्टान के उपचार के लिए कोई कदम न उठाए जाने से भविष्य में भी आवाजाही के अवरूद्ध होने का खतरा टला नहीं है।

भू-वैज्ञानिकों की माने तो काली चट्टान का यह हिस्सा अत्यधिक संवेदनशील बना है। मौजूदा समय में भी पहाड़ी से पत्थरों की बरसात होने से लोग जिंदगी हाथ पर रख कर आवाजाही करने को विवश हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रणजीत सिंह नेगी ने बताया कि कार्यदायी संस्था काली चट्टान के स्थाई ट्रीटमेंट को लेकर कहीं कोई कवायद में नहीं दिखाई दे रही है। इसके चलते बरसात के दौर में सुरक्षित आवाजाही को लेकर संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। अब देखना यह है कि कार्यदायी संस्था किस तरह के कदमों के साथ आगे बढ़ती है। इस पर ही निजमुला घाटी के दर्जनों गांवों के लोगों की सुरक्षित आवाजाही का दारोमदार निर्भर करेगा।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

धार्मिक आयोजन सुसंस्कारित भारत के निर्माण में निभाते हैं अहम भूमिका – रेखा आर्या

Fri Mar 27 , 2026
अल्मोड़ा/सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जनपद अल्मोड़ा के भाटन्यालज्यूला स्थित देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में प्रतिभाग कर कथा का श्रवण किया। कथावाचक कौस्तुभानंद तिवारी की मधुर वाणी में कथा सुनकर उन्होंने आध्यात्मिक अनुभव साझा किया। इस अवसर पर रेखा आर्या ने कहा कि विकसित भारत […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!