संगीत जगत के एक युग का अंत, सुरों की मल्लिका आशा भोसले आज 92 वर्ष आयु में निधन 

मुंबई :  भारतीय सिनेमा और संगीत की मखमली आवाज, सुरों की मल्लिका आशा भोसले आज 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गईं। मुंबई के प्रतिष्ठित ब्रीच कैंडी अस्पताल में दोपहर करीब 12:55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि की है। आशा ताई शनिवार 11 अप्रैल को चेस्ट इंफेक्शन, थकान और कार्डियक कंप्लिकेशन्स के कारण अस्पताल में भर्ती हुई थीं। आज उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया।

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वे मंगेशकर परिवार की सदस्य थीं और लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आठ दशकों से अधिक के शानदार करियर में उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने गाए, जो हिंदी के अलावा 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में थे। ओ.पी. नैय्यर, एस.डी. बर्मन, आर.डी. बर्मन, ए.आर. रहमान जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ उन्होंने काम किया। उनका विवाह भी आर.डी. बर्मन से हुआ था।

उन्हें सात फिल्मफेयर पुरस्कार, दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण समेत अनेक सम्मान प्राप्त हुए। उनके गाए अमर गीत जैसे ‘पिया तू अब तो आ जा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘ये मेरा दिल’, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश भर के गणमान्य व्यक्तियों, बॉलीवुड सितारों, संगीतकारों और लाखों फैंस ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। आशा भोसले सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की एक जीवंत धरोहर थीं जिनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को रिझाया और भावनाओं को आवाज दी।

उनका अंतिम संस्कार कल सोमवार 13 अप्रैल को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क, दादर में होगा। सुबह 11 बजे से उनके आवास कासा ग्रांडे, लोअर परेल पर अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंच सकेंगे।

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