कुम्भ मेला–2027 के लिए “लोगो” डिज़ाइन के लिए आमजन से प्रविष्टियाँ आमंत्रित

  • आमजन की रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मेला प्रशासन की पहल
  • चयनित ‘लोगो’ के डिज़ाइनर को सम्मानित भी करेगा मेला प्रशासन

हरिद्वार : आगामी कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों में मेला प्रशासन ने आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत कुम्भ मेला–2027 के लिए आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (लोगो) डिज़ाइन तैयार करने हेतु नागरिकों से रचनात्मक प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं।

मेलाधिकारी सोनिका ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कुम्भ मेला भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। कुम्भ मेला–2027 को दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारियों के क्रम में आमजन की रचनात्मक भागीदारी के माध्यम से इस आयोजन का ‘लोगो’ तैयार करने का निश्चय किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ‘लोगो’ ऐसा होना चाहिए जो कुम्भ मेला की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सदियों पुरानी इस अद्भुत विरासत की परिकल्पना को आकर्षक एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत कर सके। यह ‘लोगो’ कुम्भ मेला–2027 की एक प्रमुख पहचान बनेगा, इसलिए इसमें नवाचार के साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक मूल्यों एवं परंपराओं की स्पष्ट झलक होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति स्वयं द्वारा तैयार किया गया लोगो डिज़ाइन 15 दिनों के भीतर सॉफ्ट कॉपी एवं हार्ड कॉपी के रूप में मेला नियंत्रण भवन, निकट हर की पैड़ी, हरिद्वार स्थित उनके कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में उपलब्ध करा सकते हैं। प्रतिभागी अपना डिज़ाइन ई-मेल kumbh.ccr@gmail.com पर भी भेज सकते हैं।

मेलाधिकारी ने बताया कि चयनित लोगो डिज़ाइन के डिज़ाइनर को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड के आम नागरिकों, कलाकारों, डिजाइनरों, युवाओं एवं छात्रों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पहल से जुड़ें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से कुम्भ मेला–2027 की पहचान को नया आयाम दें।

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